(1) श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, पावन परम पुनीत |
माधव सम दूजा नहीं, दीन हीन को मीत ||
(2) वासुदेव औ देवकी, जिनके पितु अरु मात |
अर्ध रात्रि को जन्म लहि, तारे टूटहिं पात ||
(3) होगी जब सब के लिए, बड़ी खुशी की बात |
घर घर आकर जन्म लहिं, कान्हा आधी रात ||
(4) नँद नन्दन नँद लाल की, तिरछी नजरि सुजान |
मात यशोदा ने रखा, उनका प्रति छन ध्यान ||
(5) लालन पालन सब हुआ, नन्द बबा के गेह |
गोकुल गाय चराइ कें, ग्वाल बाल सों नेह||
(6) शिरोमणी यदुवंश के, जगन्नाथ महाराज |
सदा आपने है रखी, निज भक्तनु की लाज ||
(7) औसर पावन पर्व पर, लेहु बधाई आप |
कुँवर कन्हाई की क्रपा, दूरि करहि सन्ताप ||
माधव सम दूजा नहीं, दीन हीन को मीत ||
(2) वासुदेव औ देवकी, जिनके पितु अरु मात |
अर्ध रात्रि को जन्म लहि, तारे टूटहिं पात ||
(3) होगी जब सब के लिए, बड़ी खुशी की बात |
घर घर आकर जन्म लहिं, कान्हा आधी रात ||
(4) नँद नन्दन नँद लाल की, तिरछी नजरि सुजान |
मात यशोदा ने रखा, उनका प्रति छन ध्यान ||
(5) लालन पालन सब हुआ, नन्द बबा के गेह |
गोकुल गाय चराइ कें, ग्वाल बाल सों नेह||
(6) शिरोमणी यदुवंश के, जगन्नाथ महाराज |
सदा आपने है रखी, निज भक्तनु की लाज ||
(7) औसर पावन पर्व पर, लेहु बधाई आप |
कुँवर कन्हाई की क्रपा, दूरि करहि सन्ताप ||
आपको भी।बहुत सुंदर पंक्ति है।
ReplyDeleteHighly appreciable sir.
ReplyDeleteगजब
ReplyDeleteअति सुंदर पंकि्तयां है,भैया जी ।
ReplyDeleteबहुत ही सुंदर
ReplyDeleteVery nice lines
ReplyDeleteVery nice lines
ReplyDeleteBahut badiya likha h Baba aapne
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteअत्यंत सराहनीय व प्रशंशनीय ।
ReplyDeleteहमें आप पर गर्व है । आप बेसिक शिक्षा विभाग, हाथरस की शान हैं गुरुदेव ।
Bahut sundar bhaiya jay shree Krishna
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