Saturday, 1 September 2018

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

(1) श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, पावन परम पुनीत |
      माधव सम दूजा नहीं, दीन हीन को मीत ||

(2) वासुदेव औ देवकी, जिनके पितु अरु मात |
      अर्ध रात्रि को जन्म लहि, तारे टूटहिं पात ||

(3) होगी जब सब के लिए, बड़ी खुशी की बात |
      घर घर आकर जन्म लहिं, कान्हा आधी रात ||

(4) नँद नन्दन नँद लाल की, तिरछी नजरि सुजान |
     मात यशोदा ने रखा, उनका प्रति छन ध्यान ||

(5) लालन पालन सब हुआ, नन्द बबा के गेह |
      गोकुल गाय चराइ कें, ग्वाल बाल सों नेह||

(6) शिरोमणी यदुवंश के, जगन्नाथ महाराज |
      सदा आपने है रखी, निज भक्तनु की लाज ||

(7) औसर पावन पर्व पर, लेहु बधाई आप |
      कुँवर कन्हाई की क्रपा, दूरि करहि सन्ताप ||

11 comments:

  1. आपको भी।बहुत सुंदर पंक्ति है।

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  2. अति सुंदर पंकि्तयां है,भैया जी ।

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  3. बहुत ही सुंदर

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  4. Bahut badiya likha h Baba aapne

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  5. अत्यंत सराहनीय व प्रशंशनीय ।
    हमें आप पर गर्व है । आप बेसिक शिक्षा विभाग, हाथरस की शान हैं गुरुदेव ।

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  6. Bahut sundar bhaiya jay shree Krishna

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