Tuesday, 28 June 2011

आंकिक-सन्देश

एक,                                                                                 
चित्र: साभार गूगल
कुछ आगे पीछे देख |
दो,
दुःख में  ना तू रो |
 तीन,
बजा शांति का बीन |
चार,
तेरे प्रेमी  और दुश्मन हजार |
पांच,
करले उनकी जाँच |
छह,
मत करना तू भय |
सात,
क्यों मलता रे हाथ ?
आठ,
मत हो बारहबाट |
नौ,
तेरी कब पड़ेगी पौ ?
दस,
तू धैर्य - कूप में धस |
"अकबर" डुबकी ले तू हंसकर ...... 

Monday, 15 May 2006

महेन्द्र सिंह धोनी

अनहोनी को होनी कर दे, होनी को अनहोनी |
रोशन नाम किया भारत का, उसका नाम है धोनी ||

(1) बैटिंग करता कभी न डरता,
      गैंदबाज की सब गैंदों पर,
      मार- मार कर भूसा भरता |
      चाहे स्पिन चाहे तेज,
      कर दे सबको वह निस्तेज ||
      हर क्रिकेटर की कद काँठी,
      कर दी जिसने बौनी ||
      रोशन नाम ••••••••••••••

(2) चाहे जिस नम्बर पर खेले,
      होकर निडर बिना चिन्ता के,
      जब चाहे तब ही रन ले ले |
      इक्का मारे दुक्का मारे,
      तिक्का चौका छक्का मारे |
      देख विपक्षी पिच पर उसको,
      बन जाते हैं मौनी ||
      रोशन नाम ••••••••••••••

(3) विकेेट के पीछे खड़ा रहे वो |
      शुरू से लेकर अन्त समय तक,
      समर भूमि में अड़ा रहे वो ||
      लम्ब नासिका लम्बी चाल,
      पिच पर रहे ठोकता ताल |
      वीर भूमि का वीर खिलाड़ी,
      करे न टोना टोनी |
      रोशन नाम •••••••••••••

(4) दर्शक देखि मगन हों भारी,
     हार और व्यवहार अनौखा,
     दुश्मन भी हैं पीटें तारी |
     चपल चतुरता दीखे हर छन,
     कुण्ठा कभी न लाता निज मन |
     पीता दूध अकेला वो तो,
     खाता ताजा लौनी ||
     रोशन नाम •••••••••••••

अनहोनी को होनी कर दे, होनी को अनहोनी |
रोशन नाम किया भारत का, उसका नाम है धोनी ||