*बेशक होती नेक अमीरी।
फिर भी है अतिरेक अमीरी।।
*रखै ठाट अरु बाट अमीरी।
चाकी जैसे पाट अमीरी।।
*लहै अहे बड़ नाम अमीरी।
नहीं रोग की वाम अमीरी।।
*कहुं कहुं सुख की खानि अमीरी।
कहुं कहुं लेती जानि अमीरी।।
*जब जब प्रतिछन बढ़ति अमीरी।
तब तब नख शिख चढ़ति अमीरी।।
*रुहठि जहे पै घटति अमीरी।
रोके से ना रुकति अमीरी।।
*अति घमण्ड की जननि अमीरी।
सहस्र अवगुनी खननि अमीरी।।
*ऐश और आराम अमीरी।
प्रतिफल देति हराम अमीरी।।
*गफलतियों की शान अमीरी।
परिणति मिटे निशान अमीरी।।
*क्रियाशील का कर्म अमीरी।
उसका यह सद् धर्म अमीरी।
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फिर भी है अतिरेक अमीरी।।
*रखै ठाट अरु बाट अमीरी।
चाकी जैसे पाट अमीरी।।
*लहै अहे बड़ नाम अमीरी।
नहीं रोग की वाम अमीरी।।
*कहुं कहुं सुख की खानि अमीरी।
कहुं कहुं लेती जानि अमीरी।।
*जब जब प्रतिछन बढ़ति अमीरी।
तब तब नख शिख चढ़ति अमीरी।।
*रुहठि जहे पै घटति अमीरी।
रोके से ना रुकति अमीरी।।
*अति घमण्ड की जननि अमीरी।
सहस्र अवगुनी खननि अमीरी।।
*ऐश और आराम अमीरी।
प्रतिफल देति हराम अमीरी।।
*गफलतियों की शान अमीरी।
परिणति मिटे निशान अमीरी।।
*क्रियाशील का कर्म अमीरी।
उसका यह सद् धर्म अमीरी।
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