Thursday, 2 April 2020

अमीरी

*बेशक होती नेक अमीरी।
 फिर भी है अतिरेक अमीरी।।

*रखै ठाट अरु बाट अमीरी।
 चाकी जैसे पाट अमीरी।।

*लहै अहे बड़ नाम अमीरी।
  नहीं रोग की वाम अमीरी।।

*कहुं कहुं सुख की खानि अमीरी।
  कहुं कहुं लेती जानि अमीरी।।

*जब जब प्रतिछन बढ़ति अमीरी।
  तब तब नख शिख चढ़ति अमीरी।।

*रुहठि जहे पै घटति अमीरी।
  रोके से ना रुकति अमीरी।।

*अति घमण्ड की जननि अमीरी।
  सहस्र अवगुनी खननि अमीरी।।

*ऐश और आराम अमीरी।
  प्रतिफल देति हराम अमीरी।।

*गफलतियों की शान अमीरी।
 परिणति मिटे निशान अमीरी।।

*क्रियाशील का कर्म अमीरी।
  उसका यह सद् धर्म अमीरी।
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