वर्षा झमझम हो रही,
मौसम भी परवान |
हवा निराली चल रही,
पंछी गाउत गान ||1||
दिन में अँधियारी झुकी,
बिल्कुल रात समान |
लुका छिपी बदरा करें,
सूरज अंतर ध्यान ||2||
सांय काल में लग रहा,
कबहुं न बरसो नीर |
धूप खिली राहत मिली,
बदलो रुखहिं समीर ||3||
मौसम भी परवान |
हवा निराली चल रही,
पंछी गाउत गान ||1||
दिन में अँधियारी झुकी,
बिल्कुल रात समान |
लुका छिपी बदरा करें,
सूरज अंतर ध्यान ||2||
सांय काल में लग रहा,
कबहुं न बरसो नीर |
धूप खिली राहत मिली,
बदलो रुखहिं समीर ||3||
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