Monday, 26 February 2018

होली

नया नहीं कुछ होने वाला, रोज मनाओ होली को |
पहले करो सुरक्षित अपनी, कटने वाली झोली को ||
नया तराना, नया जमाना |नया डराना, नया कमाना ||
नया सलीका, नया तरीका | नया पलीता, नया सरीखा ||
नई बुराई, नई खुमारी |ऐसी तैसी, करी तुम्हारी||
लगता है क्या, आज हो गया | अपनों का मोहताज हो गया ||
चारों ओर अंधेरा छाया |उसका छोर कहीं नहिं पाया ||
बड़े बड़ों की मौज हो रही |पड़वा में भी दौज हो रही ||
छोटे छोटे तरस रहे हैं |बादल भी नहिं बरस रहे हैं ||
बड़े करहिं वो सब कुछ लीला |छोटा करिअहि तो गुड़ गीला ||
गंग आज उलटी बहि रहिहैं |असल बात कोऊ नहिं कहिहैं ||
जो कहुँ साँच बखानन चहिहौ |तौ तुम दूर देश कों रहिहौ ||
चहै न चढ़ि गै अटा अटारी | पातर रहि गै भौत पिछारी ||

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